राजस्थान में सियासी घमासान – राजस्थान में कैसे गिर सकती है कांग्रेस की सरकार जानिए

sachin pilot

इस समय राजस्थान में सियासत का पारा चढ़ा हुआ है। कयास लगाए जा रहे हैं कि राजस्थान के उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके समर्थित 25 विधायक कांग्रेस पार्टी छोड़ सकते हैं।

हाल ही में मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके समर्थित विधायकों ने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी और बीजेपी में शामिल हो गए थे। जिससे कमलनाथ सरकार गिर गयी थी और वहां एक बार फिर बीजेपी की सरकार बन गई और शिवराज सिंह मुख्यमंत्री बन गए।

ऐसा ही कुछ राजस्थान में भी हो सकता है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

क्या है पूरा मामला?

कोरोना वायरस के इस संकट के बीच राजस्थान में गहलोत सरकार पर एक और संकट मंडरा रहा है और वो है सरकार गिरने का।

मामला विधायकों की खरीद फरोख्त का है। बीते दिनों स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में दो व्यक्तियों, जिनके नाम भरत मालानी और अशोक सिंह हैं, को गिरफ्तार किया था इन दोनों के कांग्रेस के कुछ विधायकों से संपर्क में होने की खबर थी।

इसके बाद 10 जुलाई को अशोक गहलोत और सचिन पायलट को इस पूरे प्रकरण में SOG द्वारा नोटिस भेजा जाता है। जिससे सचिन पायलट नाराज हो जाते हैं। इसके बाद सचिन पायलट 8 विधायकों सहित दिल्ली पहुँच जाते हैं।

एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) भी खरीद-फरोख्त के प्रकरण में कार्यवाई करते हुए 3 निर्दलीय विधायकों के खिलाफ प्राथमिकी जांच (PE) दर्ज करती है। इसकी जानकारी शनिवार को आयी। इन विधायकों पर आरोप है कि इन्होने राज्यसभा चुनाव से पहले बांसवाड़ा में कांग्रेस विधायकों से संपर्क किया था और उन्हें करोड़ों रूपये का लालच दिया था।

सीएम अशोक गहलोत ने इसके लिए बीजेपी के नेता सतीश पूनिया और राजेंद्र राठौड को जिम्मेदार ठहराया है।

शनिवार रात अशोक गहलोत कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक करते हैं और सभी मंत्रियों से अपने क्षेत्रों का दौरा करने को कहते हैं।

इसके बाद देर रात को राज्य की सभी सीमाओं को बंद कर दिया जाता है। सीमाओं को 7 दिनों के लिए बंद रखा जायेगा। हालाँकि, इसकी वजह कोरोना संक्रमण बताया गया है।

कैसे गिर सकती है गहलोत सरकार?

सचिन पायलट का नाराज होना और दिल्ली जाकर सोनिया गाँधी से मिलना गहलोत सरकार के लिए अच्छा नहीं है। अगर सोनिया गाँधी से बात करके भी सुलह नहीं होती है और पायलट और उनके खेमे के विधायक पार्टी छोड़ते हैं तो फिर गहलोत सरकार अल्प मत में आ जाएगी।

इसको समझने के लिए आपको राजस्थान विधानसभा की सीटों का गणित समझना होगा।

राजस्थान विधानसभा की वर्तमान स्थिति

कुल सीटें- 200

बहुमत के लिए जरुरी- 101

कांग्रेस- 107

बीजेपी+रालोपा- 72+3=75

अन्य- 18 ( निर्दलीय: 13, बीपीटी: 2, सीपीएम: 2, रालोद: 1 )

वर्तमान में कांग्रेस के पास बहुमत से 6 सीटें ज्यादा हैं।

ऐसे बन सकती है बीजेपी की सरकार

खबर है कि सचिन पायलट के खेमे वाले विधायक गुरुग्राम के होटलों में ठहरे हुए हैं और उनके फ़ोन भी बंद हैं। सचिन पायलट भी अब दिल्ली में हैं।

अगर सचिन पायलट के समर्थन वाले 25 विधायक पार्टी छोड़ते हैं तो-

कुल सीटें- 200-25=175

अब बहुमत के लिए चाहिए होंगी- 88

कांग्रेस- 107-25=82

बीजेपी+रालोपा- 75

25 विधायकों के पार्टी छोड़ने पर गहलोत सरकार अल्प मत में आ जाएगी और बीजेपी को सरकार बनाने के लिए 13 अन्य विधायकों की आवश्यकता होगी। ऐसे में निर्दलीय विधायकों की भूमिका निर्णायक होगी।

अगर निर्दलीय विधायक बीजेपी का समर्थन करते हैं तो बीजेपी सरकार बना लेगी।

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