मोदी सरकार ने पेश किये कृषि सुधार से सम्बंधित 3 विधेयक – जानिए उनके बारे में

केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण, ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 14 सितम्बर को लॉकडाउन के दौरान जारी हुए खेती से जुड़े 3 आर्डिनेंस को पारित करने के लिए विधेयक पेश किये हैं।

ये तीन विधेयक हैं-

1. द फार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फेसिलिटेशन) बिल 2020;

2. द फार्मर्स (एम्पॉवरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑफ प्राइज एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेस बिल 2020 और

3. द एसेंशियल कमोडिटीज (अमेंडमेंट) बिल 2020

इन तीनों कानूनों को केंद्र सरकार ने 5 जून 2020 को आर्डिनेंस के द्वारा जारी किया था। कांग्रेस एवं अन्य पार्टियों के विरोध के बाद भी एसेंशियल कमोडिटीज (अमेंडमेंट) बिल लोकसभा में पारित हो गया है। अब यह चर्चा के लिए राज्यसभा में जाएगा। वहां से पास होने पर कानून औपचारिक रूप से लागू हो जाएगा। सरकार की कोशिश इसी सत्र में इन तीनों ही कानूनों को संसद से पारित कराने की है।

आइये विस्तार से जानते हैं इन तीनों विधेयक के बारे में-

1. द फार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फेसिलिटेशन) बिल 2020

वर्त्तमान में किसान अपनी फसल को कृषि उपज विपणन समितियों (एपीएमसी) यानी कि अपने क्षेत्र की मंडियों में ही बेच सकता है। किसान किसी अन्य राज्य में अपने दामों पर फसल को नहीं बेच पाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए मोदी सरकार ये बिल लेकर आयी है।

इस बिल के पास होने के बाद किसानों को अपनी फसल को देश में कहीं भी बेचने का अधिकार मिल जायेगा जिससे वे अपने दामों पर फसल को बेच पाएंगे। मान लो कि राजस्थान का किसान गुजरात में किसी व्यापारी को उचित दाम पर अपनी फसल को बेचना चाहता है तो वह इस कानून के तहत बेच पायेगा जो कि अभी वो नहीं कर पाता है। अभी वो केवल अपने क्षेत्र की मंडियों में सरकार द्वारा तय किये गए दामों पर ही बेच पाता है जिससे कभी-कभी उसे उसकी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है।

इस क़ानून के तहत किसान अब इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग से भी अपनी फसल को बेच पाएंगे। सरकार किसान को देश के विभिन्न राज्यों की फसल खरीद की कीमत उपलब्ध कराएगी जिसके तहत किसान अपनी फसल के उचित दाम के अनुसार उसका चुनाव कर उसे बेच पायेगा। इसके तहत जिन राज्यों में खाद्यान्न की कमी है उन तक कम दाम में खाद्यान्न उपलब्ध हो पायेगा। सरकार ने ये भी निश्चित किया है कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिलता रहेगा।

2. द फार्मर्स (एम्पॉवरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑफ प्राइज एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेस बिल 2020

यह बिल किसानों के सशक्तिकरण के लिए लाया गया है। इस बिल के पास होने पर कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में खेती से जुड़े जोखिम उनकी तरफ शिफ्ट हो जायेंगे जिनसे किसान एग्रीमेंट करेंगे। इसके तहत किसान एग्री-बिजनेस करने वाली कंपनियों, प्रोसेसर्स, होलसेलर्स, एक्सपोर्टर्स और बड़े रिटेलर्स से एग्रीमेंट कर आपस में तय कीमत पर उन्हें फसल बेच सकेंगे। इससे उनकी मार्केटिंग की लागत बचेगी और दलाल ख़त्म होंगे जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल पायेगा।

किसी भी विवाद की स्थिति में तत्काल निपटारे की प्रभावी व्यवस्था की जाएगी। लिखित एग्रीमेंट में सप्लाई, क्वालिटी, ग्रेड, स्टैंडर्ड्स और कीमत से संबंधित नियम और शर्तें होंगी। इसमें किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ भी मिलेगा साथ ही बोनस या प्रीमियम का प्रावधान भी होगा।

3. द एसेंशियल कमोडिटीज बिल 2020

इस कानून के तहत कोल्ड स्टोरेज और फ़ूड सप्लाई चैन के आधुनिकीकरण में मदद मिलेगी। कोल्ड स्टोरेज, गोदामों, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट में किसानों की सहभागिता बढ़ेगी जिससे किसान अपनी फसल को ख़राब होने से बचा पाएंगे। यह किसानों के साथ ही उपभोक्ताओं के लिए भी कीमतों को स्थिर रखने में मदद करेगा।

स्टॉक लिमिट तभी लागू होगी, जब सब्जियों की कीमतें दोगुनी हो जाएंगी या खराब न होने वाली फसल की रिटेल कीमत 50% बढ़ जाएगी। अनाज, दलहन, तिलहन, खाद्य तेलों, प्याज और आलू को आवश्यक वस्तुओं की सूची से हटाया गया है। इससे उत्पादन, स्टोरेज, मूवमेंट और डिस्ट्रीब्यूशन पर सरकारी नियंत्रण खत्म हो जाएगा। युद्ध, प्राकृतिक आपदा, कीमतों में असाधारण वृद्धि और अन्य परिस्थितियों में केंद्र सरकार नियंत्रण अपने हाथ में ले लेगी।

Leave a Reply