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डेयरी फार्मिंग बिज़नेस को शुरू कैसे करें? – How to Start Dairy Farming in India

गांव हो या शहर दूध की मांग हर जगह रहती है। ऐसे में लोग इसका गलत फायदा उठा के नकली दूध बना कर बेचने लगते हैं और लोगों को पता भी नहीं चलता कि वो नकली दूध पी रहे हैं जिससे वो बीमार पड़ जाते हैं। ऐसे में अगर आप डेयरी फार्मिंग बिज़नेस (Dairy Farming Business) खोलते हैं तो लोग जरूर आपके पास आएंगे। इस बिज़नेस को खोलने के लिए सरकार भी आपका समर्थन करती है। सरकार आपको सब्सिडी देती है।

इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए अच्छी खासी लागत लगती है और मेहनत भी लगती है। अगर आप इस बिज़नेस को सही ढंग से करते हैं तो आपको मुनाफा भी अच्छा खासा होता है। इसमें मैं आपको वो सारी बातें बताऊंगा जो आपको डेयरी बिज़नेस खोलने के लिए जानना आवश्यक है। आइये शुरू करते हैं:-

डेयरी फार्मिंग बिज़नेस (Dairy Farming Business) एक ऐसा बिज़नेस है जिसमें हम दुधारू पशु जैसे गाय, भैंस और बकरी आदि को पालकर उनसे दुग्ध का उत्पादन करते हैं। और दूध या दूध से बनने वाले उत्पादों को बेचकर लाभ कमाते हैं।

यह बिज़नेस बहुत ही कॉमन है खास तौर पर ग्रामीण भारत में।

लेकिन अब शहरों में भी लोग इस बिज़नेस को अपना रहे हैं।

दूध की मांग लगातर साल दर साल बढ़ रही है जिससे इस बिज़नेस की ओर लोग ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।

डेयरी फार्मिंग बिज़नेस में स्कोप / Scope in Dairy Farming Business

> इस बिज़नेस का स्कोप बहुत ही ज्यादा है। यह बिज़नेस एवरग्रीन है मतलब हर मौसम में इस बिज़नेस का बोलबाला रहता है। सर्दी हो या गर्मी लोग दूध तो पीते ही हैं।

> पिछले कुछ सालों में भारत में दुग्ध उत्पादन तेजी से बढ़ा है। भारत विश्व का 18.5% दुग्ध उत्पादन करता है और विश्व में दुग्ध उत्पादन में प्रथम स्थान रखता है।

> किसानों की आय दोगुनी करने के लिए भारत सरकार डेयरी फार्मिंग के लिए किसानों को ऋण उपलब्ध करवाती है और सब्सिडी भी देती है।

> दूध के साथ-साथ आप घी और पनीर जैसे दुग्ध उत्पादों को बनाकर बेच सकते हैं।

> आप गाय के गोबर से ऑर्गेनिक खाद बनाकर बेच सकते हैं।

लागत कितनी होगी / How much will be the cost

इस बिज़नेस को शुरू करने की लागत इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस level पर ये व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं।

अगर आपके पास ज्यादा पैसे इस बिज़नेस में लगाने के लिए नहीं हैं तो आप छोटे स्तर पर ये व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इसमें आप 4-5 लाख रूपये तक लगाकर शुरुआत में अच्छी नस्ल की गाय या भैंस खरीदकर शुरू कर सकते हैं। बाद में आप धीरे-धीरे इनकी संख्या बढाकर इसे बड़े लेवल पर लेकर जा सकते हैं।

बड़े स्तर पर इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए आपके पास कम से कम 20-25 लाख रूपये होने चाहिए। अगर आपके पास इतने पैसे नहीं हैं तो आप किसी से पैसे उधार ले सकते हैं या फिर बैंक से लोन भी ले सकते हैं। बड़े स्तर पर इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए आपके पास पर्याप्त जगह होना जरुरी है।

कैसे शुरू करें डेयरी फार्मिंग बिज़नेस / How to start Dairy Farming Business

डेयरी फार्मिंग को शुरू करने के लिए आपको proper प्लानिंग की आवश्यकता होती है। पशुओं की खरीद से लेकर रजिस्ट्रेशन तक बहुत से जरुरी कार्य करने होते हैं। आइये इन सभी कार्यों को step by step समझते हैं:-

1. गाय/भैंस की नस्ल का चुनाव (Breed selection)

अच्छे मुनाफे के लिए गाय या भैंस की सही नस्ल का चुनाव करना बहुत जरुरी है। अगर भैंस खायेगी ज्यादा और दूध कम देगी तो आपका मुनाफा भी कम होगा। इसलिए सही नस्ल का चुनाव बहुत जरुरी है। एक बात और है कि अच्छी नस्ल की गाय या भैंस के लिए आपको पैसे भी ज्यादा चुकाने होंगे। इसलिए आपको अपने मुनाफे और लागत का सही अनुमान होना जरुरी है।

यहाँ मैंने आपको भैंस की कुछ नस्लों, उनकी छमता और कीमत के बारे में बताया है-

क्र.सं.भैंस की नस्ल भैंस की छमता भैंस की कीमत
1मुर्रा20– 25 लीटर 150,000
2भदावरी16–20 लीटर 100,000
3जाफराबादी10–12 लीटर 70,000
4सुरती8–10 लीटर 60,000
5मेहसाना5–10 लीटर 80,000
6नागपुरी10–12 लीटर 120,000
7नीली रवि 15–20 लीटर 150,000

2. स्थान का चुनाव (location of farmhouse)

डेयरी बिज़नेस में जगह का भी आपके मुनाफे पर बड़ा असर पड़ सकता है। अगर आप सही जगह अपना बिज़नेस शुरू करते हैं तो आपकी परेशनी भी कम होगी और मुनाफा भी अच्छा खासा होगा। डेयरी बिज़नेस के लिए अगर आपके पास पहले से जगह नहीं है और आप जमीन खरीदने की सोच रहे हैं तो आपको इन बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए:-

  • जमीन को शहर से बहुत ज्यादा दूर ना खरीदें: अगर आप शहर से दूर जमीन लेते हैं तो ये आपकी बड़ी गलती हो सकती है। इसमें आपका ट्रांसपोर्ट का खर्चा बढ़ेगा जो सीधे तौर पर आपके मुनाफे को कम करेगा।
  • आपके पास ग्राहक नहीं पहुंच पाएंगे जिससे आपके बिज़नेस की ग्रोथ पर असर पड़ेगा।
  • आपको अपने व्यवसाय को लोगों तक पहुँचाने में दिक्कत आएगी जो कि आपके मुनाफे पर असर करेगा।
  • जमीन ऐसी जगह लें जहां आपको बिजली और पानी आदि की सुविधाएँ सुलभ हों।

3. फार्महाउस का निर्माण (Building of farmhouse)

> फार्महाउस बनाते समय इस बात का ध्यान रखें कि हवा के आने जाने की proper व्यवस्था हो। ताकि गाय/भैंस को गर्मी का सामना ना करना पड़े।

> इसमें आपको कुछ 3-4 कमरे या ब्लॉक बनाने होंगे ताकि उनमें आप जानवरों का खाना, दूध निकालने के बर्तन आदि रख सकें।

> गायों/भैंसों को उपयुक्त दूरी पर बांधें और उनके खाने को डालने के लिए proper ब्लॉक बनाये ताकि उसमें ज्यादा से ज्यादा खाना डाला जा सके।

4. पशुओं के लिए खाना (Food for cattle)

एक स्वस्थ पशु के लिए healthy खाना बहुत ही आवश्यक होता है। आप पशुओं को जितना healthy खाना देंगे वे उतनी ही उच्च गुणवत्ता और ज्यादा मात्रा में दूध देंगे जिससे आपका मुनाफा बढ़ेगा। healthy खाना के साथ-साथ आपको पशुओं को उपयुक्त मात्रा में पानी भी समय-समय पर देते रहना है। आप पशुओं को हरी घास जरूर खिलाएं और उनके खाने में खनिजों (minerals) की उपयुक्त मात्रा हो इस बात का भी ध्यान रखें।

5. पशुओं की देखभाल (Caring of cattle)

> आपको पशुओं को उच्च गुणवत्ता वाला खाना, पानी और शेल्टर के अलावा उनको बीमारियों से भी बचाना है। पशुओं में भी कई तरह की बीमारियां होती हैं जैसे

  • Hypocalcaemia: रक्त में कैल्शियम का स्तर निम्न होना
  • Hypomagnesaemia: रक्त में मैग्नीशियम का स्तर निम्न होना
  • Ketosis: जब दुग्ध उत्पादन की मात्रा पशु द्वारा खाये जाने वाले खाने के मुकाबले ज्यादा होती है तब यह बीमारी होती है।
  • bloating (सूजन), laminitis and rumen acidosis: निम्न गुणवत्ता का खाना देने पर ये बीमारियां होती हैं।

> पशुओं को महामारियों जैसे पैर और मुंह के रोग, काली तिमाही, रक्तस्रावी सेप्टीसीमिया, रेबीज, संक्रामक गोजातीय rhinotracheitis, aileriosis और एंथ्रेक्स से बचाने के लिए उनकी समय पर Vaccination करवाना अनिवार्य है।

> पशुओं की सेहत का खासा ध्यान रखें अगर आप पशु की सेहत में जरा भी गड़बड़ी देखें तो फ़ौरन उसे डॉक्टर को दिखाएँ।

6. बिज़नेस का पंजीकरण (Business License)

अगर आप बड़े स्तर पर डेयरी फार्मिंग करते हैं तो आपको अपने बिज़नेस का पंजीकरण करवाना आवश्यक है। पंजीकरण करवाने से एक फायदा ये होगा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली मदद आपको आसानी से मिलेगी।

आपको मुख्य रूप से ट्रेड लाइसेंस, FSSAI लाइसेंस और GST का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।

7. व्यापार और प्रमोशन (Business and marketing)

> बिज़नेस खोलना और उसे सफलतापूर्वक चलाना दो अलग-अलग बातें हैं। आपको अपने बिज़नेस के प्रमोशन या मार्केटिंग के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ सकती है। इसके लिए आप जगह-जगह बैनर लगाकर, अखबार में विज्ञापन देकर और अनाउंसमेंट आदि करके आप अपने बिज़नेस का प्रमोशन कर सकते हैं।

> आप सीधे उन कम्पनी से संपर्क कर सकते हैं जो बहुत ज्यादा मात्रा में लोगों से दूध लेती हैं और उसे प्रोसेस करके बेचती हैं।

> आप खुद दूध को प्रोसेस करके और पैक करके बेच सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी ब्रांड वैल्यू बनानी होगी। इसके लिए आपको गुणवत्ता पर ध्यान देना होगा और ज्यादा से ज्यादा अपनी कंपनी का प्रचार करना होगा।

मुनाफा कितना होगा / How much will be the profit margin

डेयरी फार्मिंग में मुनाफा दुग्ध उत्पादन पर निर्भर करता है। जितना ज्यादा दुग्ध उत्पादन होगा मुनाफा भी उतना ही ज्यादा होगा।

आप इस तरीके से अपने मुनाफे/आय की गणना कर सकते हैं:-

मान लो

1. 6-7 गायें प्रतिदिन 150 लीटर दूध देती हैं

2. हर महीने गोबर की खाद की बिक्री से 3,000 से 5,000 रु की आय होती है

3. गाय या बछड़ों की बिक्री – हर साल एक या दो बार

4. श्रम लागत प्रति माह 10,000 रुपये तक

5. मूल्यह्रास – हमने 5 लाख मूल्य के पशुओं, 1 लाख मूल्य के पशुओं, 1 लाख की मशीनरी और दूध निकालने वाली मशीन पर विचार किया है। कुल मिलाकर 7 लाख रूपये, जिसका उपयोग 10 वर्षों की अवधि के लिए किया जाएगा। परिणामस्वरूप 70,000 रुपये के वार्षिक मूल्यह्रास व्यय। इस प्रकार, हमने मूल्यह्रास व्यय के रूप 6000 रु प्रति माह पर विचार किया है।

6. भूमि का किराया – भले ही स्थान स्व-स्वामित्व का हो। हमने भूमि की किराये की लागत के रूप में 8000 रु प्रति माह पर विचार किया है। किराया शून्य माना जा सकता है। भूमि के मूल्यह्रास को आम तौर पर नहीं माना जाता है, भूमि की कीमतें गिरती नहीं हैं।

7. पशु चारा और खाना, खनिज मिश्रण सभी खर्चों का लगभग 70% माना जाता है। जब चारा आपके खुद के खेत में उगाया जाता है, तो खर्च की गणना उसकी आय पर विचार करके की जा सकती है यदि आपने चारा किसी और को बेच दिया होता। यह बेहतर होगा यदि आप वास्तव में चारे की खेती पर किए गए खर्च को रिकॉर्ड कर सकें और उस चारे को लागत के रूप में उपयोग कर सकें।

8. रखरखाव लागत, चिकित्सा लागत, बिजली और पानी की लागत 500 रुपये प्रति माह मान लेते हैं।

निष्कर्ष / Conclusion

डेयरी फार्मिंग का बिज़नेस करने के लिए आपको सही direction में step by step काम करना होगा। आपको अपने बिज़नेस को profit में रखने के लिए निरंतर काम करना होगा। पशुओं को अच्छा खाना दें और उन्हें हरी घास खिलाएं। समय पर vaccination करवाएं। बीमार पड़ने पर डॉक्टर को दिखाएँ। आपके पशु ही आपकी कमाई का जरिया हैं इसलिए उनका खासा ध्यान रखें। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँच बनाएं ताकि आपका बिज़नेस grow कर सके। अगर आप इन बातों का ध्यान रखेंगे तो आप निश्चित रूप से इस बिज़नेस में सफल होंगे और अच्छा पैसा भी कमा पाएंगे और भारत को आत्मनिर्भर बनने में अपना योगदान दे पाएंगे।

आइये भारत को आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान दें

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