Categories: Latest News

गलवान घाटी विवाद की पूरी कहानी जानिए – Galwan Valley Dispute full story

आपने ये कहावत तो सुनी ही होगी- “अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारना” आज की परिस्थिति में ये कहावत चीन पर एक दम सटीक बैठती है। चीन की दादागिरी के बारे में तो सभी जानते हैं चाहे वो तिब्बत हो या हॉन्गकॉन्ग हो हर जगह चीन अपनी आर्मी का दुरूपयोग करके वहां के लोगों पर अत्याचार करता है। लेकिन इस बार चीन की दादागिरी उसी पर भारी पड़ गई।

चीन खुद को दुनिया का सुपर पावर बनने का सपना देख रहा है। इसी कारण वो अमेरिका समेत तमाम देशों पर दबाव बना रहा है। इसी क्रम में चीन ने भारत पर दबाव बनाने का प्रयास किया जिसमें उसे मुंह की खानी पड़ी।

गलवान घाटी विवाद की पूरी कहानी (Galwan Valley Dispute full story in Hindi)

गलवान घाटी विवाद की पूरी कहानी (Galwan Valley Dispute full story in Hindi) जानने से पहले आपको गलवान घाटी की भौगोलिक स्थिति को समझना जरुरी है।

गलवान घाटी भारत के लेह और तिब्बत, चीन के बीच स्थित है। यहाँ 8 पहाड़ियां हैं जिन्हें फिंगर कहा जाता है क्योंकि इनका आकार फिंगर की तरह है। इन फिंगर का एक छोर पैंगोंग त्सो झील से मिलता है। यहीं से होकर वास्तविक नियंत्रण रेखा (Line of Actual Control-LAC) गुजरती है।

पैंगोंग त्सो झील लगभग 140 km लम्बी और 5 km चौड़ी है। ये झील तिब्बत को भारत से जोड़ती है।

LAC एक काल्पनिक रेखा है। भारत-पाकिस्तान की सीमा की तरह यह सटीक नहीं है क्योंकि भारत-चीन के बीच फिंगर 2-3 से लेकर फिंगर 8 तक की जमीन विवादित है। जिसकी लम्बाई लगभग 8 km है। भारत फिंगर 8 तक की जमीन को भारत का हिस्सा मानता है और चीन फिंगर 2-3 तक के हिस्से को अपना बताता है। इस विवाद का अभी तक कोई हल नहीं निकाला गया है।

हालाँकि, इसको लेकर कुछ समझौते समय-समय पर हुए हैं। जैसे:-

पंचशील समझौता-1954

भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 1954 में चीन के साथ एक समझौता किया था जिसे पंचशील समझौता कहा जाता है। इसके पांच सिद्धांत हैं:-

  1. दोनों देश एक दूसरे की प्रादेशिक सीमा की अखंडता और सम्प्रभुता की रक्षा करेंगे।
  2. दोनों देश एक दूसरे के प्रति गैर-आक्रामक रहेंगे।
  3. एक दूसरे के आतंरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
  4. समानता और पारस्परिक लाभ
  5. शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व

1993- दोनों देश सीमा विवाद का हल शांतिपूर्ण बातचीत के तरीके से निकालेंगे। इसके लिए ताकत का इस्तेमाल नहीं किया जायेगा।

1996- LAC के 2KM तक के दायरे में गोलीबारी, बारूद या किसी भी तरह के हथियार का इस्तेमाल नहीं किया जायेगा।

2005- इसमें भी शांति और सौहार्द बनाये रखने से सम्बंधित समझौते हुए।

2013- दोनों पक्ष LAC की सामान्य समझ ना होने के कारण एक दूसरे के गश्ती दल का पीछा नहीं करेंगे।

अब हम आपको गलवान घाटी विवाद की शुरू से लेकर अब तक की पूरी कहानी बताते हैं-

5 मई:- भारत-चीन के गश्ती दल के बीच झड़प

भारत-चीन के गश्ती दलों के बीच पैंगोंग त्सो लेक के उत्तरी किनारे पर और उत्तरी सिक्किम के नकु ला में भारत-चीन सीमा पर झड़प हुई। दोनों ओर के सैनिक एक दूसरे पर पत्थर फेंकते हैं। जिसमें दोनों ओर के सैनिक घायल हो जाते हैं।

चीन द्वारा भारत के गलवान घाटी में रोड के निर्माण को लेकर आपत्ति जताई जाती है। इसको रोकने के लिए चीनी सैनिकों ने फिंगर 2 तक आ जाते हैं। तनाव को देखते हुए दोनों तरफ अतिरिक्त जवानों को तैनात कर दिया जाता है।

23 मई:- आर्मी चीफ मनोज मुकुंद नरवणे का लेह दौरा

12 मई को चीनी हेलीकाप्टर को LAC के पास देखे जाने के बाद वहां सुखोई SU-30 को भेजा जाता है।

चीन के आक्रामक रवैये के कारण बॉर्डर पर टेंशन बढ़ जाती है। जिस वजह से संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा की समीक्षा करने के लिए आर्मी चीफ लेह स्थित 14 कोर मुख्यालय का दौरा करते हैं।

25 मई:- चीन अपनी तरफ लगभग 5000 सैनिक तैनात करता है

टेंशन बढ़ने के साथ दोनों ओर सैनिकों की संख्या बढ़ा दी जाती है। चीन अपनी ओर 5000 सैनिक तैनात करता है। भारत भी अपनी तरफ सैनकों की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात कर देता है।

2 जून:- मेजर जनरल रैंक के अधिकारियों के बीच विचार विमर्श

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मेजर जनरल रैंक के अधिकारियों के बीच बातचीत होती है जो बेनतीजा रहती है।

6 जून:- शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत

टेंशन की स्थिति को कम करने के लिए लेह-स्थित 14 कॉर्प के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और चीन के दक्षिण शिनजियांग सैन्य क्षेत्र के कमांडर मेजर जनरल लियू लिन के नेतृत्व में भारतीय सैन्य प्रतिनिधिमंडल ने वार्ता की।

10, 12 जून:- मेजर जनरल रैंक के अधिकारियों के बीच फिर शांति वार्ता

गलवान घाटी क्षेत्र के पेट्रोलिंग पॉइंट 14 में भारत और चीन के बीच मेजर जनरल रैंक के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। इसमें दोनों सेनाओं के बीच तीन हॉटस्पॉट क्षेत्र में सैनिकों की संख्या कम करने पर सहमति बनी।

12 जून को मेजर जनरल रैंक के अधिकारियों के बीच पांचवीं बैठक हुई। इसके बाद चीन अपनी तरफ 8000 से अधिक सैनिक, टैंक, आर्टिलरी गन, फाइटर बॉम्बर, रॉकेट फोर्स और वायु रक्षा रडार शामिल करता है।

13 जून:- आर्मी चीफ का बयान

आर्मी चीफ नरवणे स्थिति के नियंत्रण में होने की बात कहते हैं।

वो कहते हैं – “मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि चीन के साथ हमारी सीमाओं पर पूरी स्थिति नियंत्रण में है। हमारे बीच वार्ता की एक श्रृंखला चल रही है जो कोर कमांडर स्तर की वार्ता से शुरू हुई थी, जो स्थानीय स्तर पर समकक्ष कमांडरों के बीच बैठकों के बाद शुरू हुई थी।”

15 जून:- ब्रिगेडियर रैंक और कर्नल रैंक के अधिकारियों के बीच बैठक

भारत और चीन के सेना प्रतिनिधि फिर से चर्चा करते हैं। एलएसी के साथ दो स्थानों पर एक ही दिन वार्ता होती है- एक ब्रिगेडियर-रैंक वाले अधिकारी गैल्वान घाटी में मिलते हैं और दूसरी हॉट स्प्रिंग्स में कर्नल-रैंक वाले अधिकारी के बीच बातचीत होती है।

16 जून:- हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो जाते हैं और चीन के 43 जवान मारे जाते हैं

15 जून की रात को गलवान घाटी में पेट्रोलिंग पॉइंट 14 पर दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़प होती है जिसमें हमारे 20 जवान शहीद हो जाते हैं। इसमें 16 बिहार रेजिमेंट के कर्नल संतोष बाबू भी शहीद हो जाते हैं।

चीन के इसमें 43 के करीब जवान जिसमें एक कमांडिंग ऑफिसर भी शामिल है मारे जाते हैं।

इसके बाद दोनों तरफ हथियारों का जमावड़ा शुरू हो गया। जिससे टेंशन और बढ़ गई।

चीन का भारी विरोध होता है। चीन में बने उत्पादों को यूज़ ना करने की मुहिम जो कि पहले से ही चल रही थी अब तेज हो जाती है।

भारत को अमेरिका, रूस, जापान और ऑस्ट्रेलिया समेत तमाम देशों का साथ मिला।

इस तनाव के बीच भारत की तरफ बॉर्डर पर निर्माण कार्य चालू रहता है। 12000 अतिरिक्त वर्कर को लगाकर BRO (बॉर्डर रोड आर्गेनाईजेशन) जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कर लेता है।

29 जून:- टिक-टॉक समेत 59 चीनी ऐप पर भारत सरकार द्वारा प्रतिबन्ध लगा दिया जाता है

चीन को बैकफुट पर लाने के लिए भारत सरकार उसे आर्थिक मोर्चे पर जवाब देती है। भारत सरकार टिक-टॉक समेत 59 ऐप को डाटा चोरी और जासूसी की आशंका का हवाला देते हुए बैन कर देती है। यही नहीं भारत ने चीन की कंपनियों को मिलने वाले तमाम प्रोजेक्ट के कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल कर दिए।

इसके जवाब में चीन भारत की वेबसाइट्स को प्रतिबंधित कर देता है।

3 जुलाई:- पीएम मोदी का लद्दाख में स्थित निम्मू फॉरवर्ड पोस्ट का अचानक दौरा

पीएम मोदी अचानक से फॉरवर्ड पोस्ट निम्मू पहुँच कर जवानों को सम्बोधित करते हैं और उनका हौसला बढ़ाते हैं।

उनका वहां पहुंचना दुश्मन को साफ़ सन्देश देता है कि भारत अपनी सम्प्रभुता की रक्षा करने के लिए तत्पर है।

वो 16 जून को झड़प के दौरान घायल हुए जवानों से भी अस्पताल में जाकर मुलाकात करते हैं।

6 जुलाई:- चीनी सेना 2 km पीछे हटने को तैयार हुई

NSA अजीत डोभाल और चीन के स्टेट काउंसलर एवं विदेश मंत्री यांग यी के बीच 2 घंटे तक हुई बातचीत में इस बात पर सहमति बनी कि चीन की सेना 2 km पीछे हटेगी। और अगले दिन से ही चीन के पीछे हटने की प्रक्रिया शुरू हो गई।

ये भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है। जिसने चीन को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।

Recent Posts

  • सामान्य ज्ञान

महत्वपूर्ण आविष्कार एवं उसके आविष्कारक — सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी

Important Inventions and their Inverntor in Hindi: यहाँ मैंने आपको महत्वपूर्ण आविष्कार और उनके आविष्कारकों… Read More

3 months ago
  • Current Affairs

अक्टूबर 2020 करंट अफेयर्स — सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी

यदि आप किसी सरकारी नौकरी (Sarkari Job) की परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो… Read More

4 months ago
  • Latest News

इस तारीख से शुरू हो रही है RRB NTPC और Group D भर्ती परीक्षा

RRB NTPC 2020 Exam Date: रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनोद कुमार… Read More

4 months ago
  • Gov. Schemes
  • Latest News

Swamitva Yojana — स्वामित्व योजना क्या है? इस योजना से किसको फायदा होगा?

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आवासीय प्रॉपर्टी का पूरा ब्योरा रखने और उन्हें… Read More

6 months ago
  • Latest News
  • Science & Technology

देश में बनी भारत की पहली एंटी रेडिएशन मिसाइल ‘रुद्रम-1’ की खास बातें

हाल ही में भारत ने स्वदेश निर्मित पहली एंटी रेडिएशन मिसाइल (Anti-Radiation Missile) 'रुद्रम-1' ओडिशा… Read More

6 months ago
  • Latest News

TRP Rating Scam – टीआरपी रेटिंग क्या होती है? | इसे कैसे कैलकुलेट किया जाता है?

गुरुवार को मुंबई पुलिस कमिश्नर (क्राइम ब्रांच) परमबीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर TRP रेटिंग में… Read More

6 months ago
%%footer%%